तब सोचते थे, कि तब सोचेंगे, जब सोच हासिल करने लायक होंगे
अब सोचते है, काश तब सोच लेते, अब इतना ना सोचना पड़ता.
ना जाने क्यू तब, खोजते थे हर उस चीज़ को जो पास नही थी अपने,
तब खोज लेते गर दिल का खजाना, आज उसका अवशेष ना खोजना पड़ता.
अब सोचते है, काश तब सोच लेते, अब इतना ना सोचना पड़ता.
ना जाने क्यू तब, खोजते थे हर उस चीज़ को जो पास नही थी अपने,
तब खोज लेते गर दिल का खजाना, आज उसका अवशेष ना खोजना पड़ता.
No comments:
Post a Comment